नज़्म_____तन्हा भी न तन्हा रहे

तन्हा भी न   तन्हा रहे 
अब यूँ तन्हा, तन्हा रहे 
कोईई ग़म न पास रहे 
जहाँँ भी रहे, ख़ुशी रहे 
दिल में कोई न मलाल रहे 
हरर ख़ुशी, मुसलसल रहे …….!

              __Ajay K. C. Mungeri
                     13/02/14

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