गीत_ तुम रोज नजर आया करो.…..

गीत__
तुम रोज नज़र आया करो
शाम और सहर आया करो....

मना है जाना तेरे इधर से
तुम रोज इधर आया करो....

कोई देखे भी तो डर कैसा
सब मान गये घर आया करो....

किसी के देखे का डर कैसा
अब तुम बेखबर आया करो....

रहूँ इन्तज़ार किए तेरे आने के
फुर्सत मिलते नज़र आया करो....

वा वफा चलना है साथ तेरे
मेरे दिल की डगर आया करो....

सब देखेंगे तुम्हें नज़र भर के
न ज्यादा तुम सवर आया करो....


Ajay K. C. Mungeri
ajaykcmungeri@gmail.com
०८,०३,२०२२

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