नज़्म.... तन्हा भी न तन्हा रहे....!
नज़्म.... १३.०२.२०१४ तन्हा भी न तन्हा रहे अब यूँ तन्हा, तन्हा रहे कोई ग़म न पास रहे जहाँ भी रहे, ख़ुशी रहे ...